इंटरनेट का मालिक कौन है ? | Who Owns Internet in Hindi ?

नमस्कार दोस्तों आज हम आपके लिए कुछ Interesting टॉपिक लाये है आप सभी के मन में कभी न कभी ये सवाल आया होगा  की जिसका पूरी दुनिया इतना इस्तेमाल करती है उसका मालिक कौन है आप आपको लग रहा होगा की हम किस की बात कर रहे है तो आज हम internet इंटरनेट की बात कर रहे हैआज के समय  में सभी लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते है लेकिन क्या आपको पता है की इंटरनेट का मालिक कौन है (Who Owns Internet in Hindi ) इस पोस्ट में हम इंटरनेट से जोड़े दुनिया के सभी सवालो का जबाब देने की कोशिस करेंगे। जैसे की इंटरनेट क्या है , इंटरनेट कैसे बना ,इंटरनेट का मालिक कौन है (Who Owns Internet in Hindi ) ,इंटरनेट का विकास कब हुआ आदि।


Who Owns Internet in Hindi 

internet kya hai और Internet Ka Malik Kon Hai
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इंटरनेट क्या है

इंटरनेट क्या है  ( What Is Internet )अगर इंटरनेट को आसान भाषा में देखे तो इंटरनेट का मतलब है दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को एक साथ एक ही समय पर कनेक्ट करने को इंटरनेट कहते है जैसे की आप ने  ब्राउज़र पर कुछ सर्च किया तो आपको जो रिजल्ट मिला वो इंटरनेट है



इंटरनेट का विकास कब कहाँ और कैसे हुआ। 

इंटरनेट का अविष्कार अमेरिका द्वारा किया गया था इंटरनेट के विकास का मुख्य  कारण शीत युध्द था 1960 ,70  के दशक में अमेरिका और रूस में युध्द चल रहा था जिसमे की परमाणु बम के हमले वाले हालत हो गए थे तब अमेरिका को लगा  की अगर ऐसा हो गया तो हमे आपने ही देश से  कॉन्टेक्ट करने में मुश्किल होगी।  उस समय अमेरिका ने एक ऐसे नेटवर्क का  अविष्कार करने की सोचा जो की पूरी तरहा से अंडर ग्राउंड हो जिसमे एक कंप्यूटर को दूसरे  कंप्यूटर से कनेक्ट कर सके। जिसके द्वारा देश के सभी सरकारी लोगो को कोई भी संदेस बेज सके ऐसे में अमेरिका ये भी सोच रही थी की एक ऐसा नेटवर्क होना चाहिए  जिसका कोई केंद न  हो क्युकी अगर इसक्का केंद होता है और रूस उसी केंद पर हमला कर देता है तो सभी के कनेशन टूट जायँगे  अमेरिका को एक ऐसा नेटवर्क बना था जिससे ऑन करते ही देश के सभी कंप्यूटर एक-दूसरे से कनेक्ट हो  जाये और किसी एक कंप्यूटर  में प्रॉब्लम होने से दूसरे कम्पूटरो में कोई प्रॉब्लम ना आये ऐसे नेटवर्क को बनाने के लिए अमेरिका ने ARPA (Advanced Research Projects Agency) को नियुक्त किया अमेरिका के ARPA और अमेरिका सरकार ने मिल कर  एक ऐसे नेटवर्क का अविष्कार किया जिससे का शुरुवाती नाम Arpanet दिया गया और सभी कंप्यूटर को Arpanet से जोड़ दिया गया । और 1990 के आते आते ये  निजी नेटवर्क से सार्वजानिक नेटवर्क बना चूका था तभी इसका नाम Arpanet  से  Internet हो गया।उस समय इंटरनेट पर कोई वेबसाइट और डोमैन जैसी कोई चीज़ नहीं थी



इंटरनेट का मालिक कौन है-Who Owns Internet 

इंटरनेट का मालिक कौन है अगर सही  बात बताऊँ तो इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है और दूसरी ओर इंटरनेट को यूज़ करने वाले सभी इसके मालिक है क्युकी इंटरनेट का अविष्ककार अमेरिका के पब्लिक सेक्टर में हुआ है अगर इसका अविष्कार किसी प्राइवेट सेक्टर में होता तो  कंपनी इस पर ब्रांड नाम लगा कर।
इसे सिर्फ आपने मतलब के लिए इस्तेमाल करती पर सरकर ने इसे पब्लिक के इस्तेमाल के लिए दे दिया।


internet kya hai और Internet Ka Malik Kon Hai
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इंटरनेट पर कितनी वेबसाइट है

इंटरनेट पर कितनी वेबसाइट है इसकी कोई गिनती नहीं है पर Google के अनुसार Google के डेटाबेस में 1000 अरब से भी  ज्यादा वेबपेज है और दिन पर दिन  इसकी संख्या बढ़ रही है पुरे विश्व में आज प्रतिमिटन 5 लाख वेबपेज बन रहे है अगर आप सोच रहे हो की इंटरनेट पर कुल कितना डाटा है तो इसका जबाब किसी के पास नहीं है



इंटरनेट का डेटा कहाँ स्टोर होता है


इंटरनेट का देता एक जगह पर स्टोर नहीं होता क्योकि दुनिया में कई सरे वेब Sever है जिनमे करोड़ो Terabyte की hard disk होती है ये एक टाइप के कंप्यूटर ही होते है इनमे Google ,Yahoo, Facebook Ask.Com  जैसे कई Sever होते है जैसे अगर आप आपने bowers से Google.com  के सर्च इंजन  पर कुछ  करते हो तो उसका रिजल्ट आपको अमेरिका के Califurnia में मौजूद गूगल के Sever मिलेगा।




भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत 15 August 1995 में हुई थी जब गवर्नमेंट की कंपनी VSNL  (Videsh Sanchar Nigam Limited) इंटरनेट को Launch किया  बाद में धीरे धीरे प्राइवेट कम्पनीओ जैसे Airtel , IDea Vodfone Etc...  इन कम्पनीओ ने भी शुरू कर दिया। 



इंटरनेट की स्पीड को कैसे बाटा जाता है 

इंटरनेट की स्पीड को रिचार्ज प्लान के बेस पर बाटा जाता है जैसे की अगर आपके पास एक रिचार्ज प्लान है जो
100Mbps  की नेट स्पीड देता है और वहीँ दूसरी जहग किसी और का रिचार्ज प्लान है जो 10Mbps की स्पीड 
देता है आपके 100Mbps स्पीड वाले का रिचार्ज ज्यादा महंगा होगा और 10Mbps वाले का रिचार्ज सस्ता होगा
मानलीजिए आप दोनों के पास वोडाफोन का सिम कार्ड है और आप 1500 रूपए का रिचार्ज कराते है जिसमे 
आपको100Mbps की स्पीड का नेट मिलेगा और दूसरी और वो बंदा 600 रूपए का रिचार्ज कराते है जिसमे  
आपको 100 Mbps नेट स्पीड मिलती है तो वोडाफोन वाली कंपनी आपको आपने प्राइवेट sever पर रखेगी 
क्युकी आप 100Mbps कराते हो अगर गूगल पर कोई चीज़ सर्च करते हो तो आपको उसका रिजल्ट जल्दी 
मिलेगा वही 10 Mbps वाले को कंपनी लोकल sever पर रखेगी और अगर वो कुछ सर्च करता है उसे रिजल्ट 
कुछ देर बाद मिलेगा क्युकी उसका लोकल server है जो की कुछ ओर वेबसाइट से होते हुए जाता है उसके  
बादआपको रिजल्ट दिखता है 


WWW क्या है 

WWW की फुल फॉर्म होती है:-World Wide Web (वर्ल्ड वाइड वेब) यह दुनिया भर में इंटरनेट से जुड़ी सारी 
वेबसाइटों का एक सेट है
ये एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ सभी सूचनाओं को वेबसाइट के रूप में रखा जाता है इसके द्वारा ही वेबसाइट को 
एक नाम दिया जाता है www ही दुनिये कके सभी कम्पूटरो को एक दूसरे से जोड़ते है सभी वेबसाइट में www 
यूज़ होता है जैसे की www.officialtechs.com ये मेरी साइट इसमें भी www पहले यूज़ हुआ है www इंटरनेट 
को एक्ससे करने के लिए यूज़ होता है 


HTTP की फुलफॉर्म 

HTTPS का full form "HyperText Transfer Protocol" है।


HTTPS की फुलफॉर्म 

HTTPS का full form "HyperText Transfer Protocol Secured" है

इस 
आर्टिकल में हमने आपको Internet से जुडी बहुत सी जानकारी दी है। उम्मीद करता हूँ की आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा होगा और आपके कई सवालो का जबाब मिल गया होगा। अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे आपने सभी दोस्तों के साथ शेयर कर देना। 


Thanks.....

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